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Tum Kaun Ho Main Jaan Gaya Hoon

तुम कौन हो मैं जान गया हूँ   तुम कौन हो मैं मान गया हूँ   अनगिनत सितारों में तुमको मैं पहचान गया हूँ   चमक तुम्हारी अलग ही है  पलक से न अब ओझल हो तुम   फलक पे तुम बनी रहो   एक धीमी रोशनी तुम मेरे जीवन में बनी रहो  बादलों से झांक लो तुम पर्वतों से ढांक लो तुम   बस जब मैं देखूं तुम दिख जाओ   हसरथ में मेरी तुम यूँही सजी रहो   तुम कौन हो मैं जान गया हूँ   तुम कौन हो मैं मान गया हूँ

Meaning of Winning

WINNING is not about coming 1st,  it is about gaining more experience,  elevating to the next level and loving what you do!  

मेरा मन

अब और कितनी देर

अब और कितनी देर मैं रुकूंगा और करूँगा इंतज़ार और कितनी देर मैं रुकूंगा बार बार बस बहूत हुआ अब तो मुझे उड़ने दो पंख पसार उन हवाओं में आसमां छूने दो भूल गया अब सब कुछ की कैसे मैं भागा दौड़ा करता था कैसे मैं कभी ये और कभी वो किया करता था कैसे मैं सब से मिलता था कैसे मैं सब में रहता था अब और कितनी देर...

Silence within is essential

Silence within is essential for realizing the resonance coming out from each beat of the MUSIC © ikkumpal 27-01-2021

थमी ज़िंदगी कुछ दिनों से

कैसे थम गई ज़िंदगी की रफ़्तार कुछ दिनों से वो जो सब भाग रहे थे रूक गए है कुछ दिनों से सड़क पर यातायात गुम हो गया है कुछ दिनों से समय आ गया है अब सोच ऐ मानव कहाँ जा रहा था मंज़िल पर तो तब भी न पहुँच पा रहा था और अब जब तू थम गया है तो विचार कर कितनों को पछाड़ कर तू आगे बढ़ गया था तू जल्दी में था और कहीं दूर निकल गया था कइयों ने पुकारा तू फिर भी बढ़ता गया अपनों के लिए निकालूंगा समय एक दिन बैठूंगा संग परिवार के एक दिन पल में ऐसा सोच, निकल जाता था हर एक दिन सुनने का समय नहीं था रुकने का समय नहीं था पता नहीं किस दौड़ का हिस्सा बन रहा था तू हर एक दिन क्या पाने के लिए क्या क्या खोता जा रहा था तू ऐ इंसान तू भावनाहीन और आस्थाहीन कब बन गया और कितनी आगे जायेगा और क्या तू पा जायेगा ठहर जा रूक जा थम जा इतना आगे तो कुदरत ने भी न सोचा था अब देख जब तू रुक गया है तो याद रख इस बार चलने से पहले एक बार तू रूक कर ज़रूर सोचना क्या सीखा गई और क्या बता गई ये रुकी और थमी हुई ज़िंदगी मुकेश “ईक्कुंपाल” ०9 मई २०२०